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पीएम मोदी की घोषणा, NEET में ओबीसी को 27 और ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण मिला

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मेडिकल एजुकेशन medical admission में ऑल इंडिया कोटे (एआइक्यू) के तहत ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) को 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) को 10 फीसदी आरक्षण medical reservation देने के फैसले पर मुहर लगा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बताया कि दोनों वर्गों को इसी सत्र से आरक्षण का फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि यूजी और पीजी मेडिकल/डेंटल कोर्स के लिए ऑल इंडिया कोटा स्कीम में किए गए इस फैसले से लगभग 5,550 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

अभी सीटों की स्थिति-
15 फीसदी यूजी, 50 फीसदी पीजी मेडिकल सीटें राज्य सरकारों द्वारा ऑल इंडिया कोटे के तहत मैनेज की जाती हैं।
अभी ऑल इंडिया कोटे में एससी व एसटी के लिए तो सीटें आरक्षित हैं, लेकिन ओबीसी के लिए नहीं।
ओबीसी के मेडिकल स्टूडेंट्स द्वारा लंबे समय से इस मसले को सुलझाने की मांग की जा रही थी।
केंद्रीय योजना होने की वजह से इस आरक्षण के लिए ओबीसी से संबंधित केंद्रीय सूची का इस्तेमाल होगा।

क्या है ऑल इंडिया कोटा-
1986 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पर डोमेसाइल फ्री (स्थायी निवास मुक्त) ऑल इंडिया कोटा लागू किया गया।
शुरुआत में एआइक्यू के तहत कोटा नहीं था। 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने एससी के लिए 15 फीसदी और एसटी के लिए 7.5 फीसदी कोटा तय किया।
2007 में केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण एक्ट लागू होने पर ओबीसी को 27 फीसदी तो आरक्षण दिया गया लेकिन मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एआइक्यू लागू नहीं किया गया।

अब क्या बदलाव-
देश भर के ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के छात्र देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एआइक्यू स्कीम के तहत आरक्षण का लाभ पा सकेंगे।

हर वर्ष 5500 से ज्यादा छात्रों को लाभ-
1500 ओबीसी स्टूडेंट्स को एमबीबीएस और पोस्टग्रेजुएट में 2500 ओबीसी छात्रों को फायदा हो सकता है।
550 ईडब्ल्यूएस छात्रों को एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएशन में 1000 ईडब्ल्यूएस छात्रों को लाभ हो सकता है।

यह देश में सामाजिक न्याय का प्रतिमान…
ऑल इंडिया कोटा स्कीम में ओबीसी और ईडब्ल्यूएस को आरक्षण प्रदान करना ऐतिहासिक निर्णय है। यह देश में सामाजिक न्याय का नया प्रतिमान बनाएगा।
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्वीट

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