Source: Amar Ujala (20-June-2019)

Inspiring Story of Environmentalist Prasanna Puri Goswami

रेगिस्तान से नखलिस्तान, पहाड़ों से गंगा और पत्थरों में फूल खिलाने के लिए बुलन्द हौसलों की जरूरत होती है। मरुधरा के इस रेगिस्तानी इलाके में जहां बरसात की कोई निश्चितता नही है, एेसे में यहां हरियाली की कल्पना किसी मुश्किल कार्य से कम नहीं है। अक्सर देखा जाता है कि कई स्थानों पर पौधरोपण होते है, लेकिन पर्याप्त देखभाल के अभाव में पौधे सूख जाते हैं। पौधरोपण कार्य का कोई महत्व नहीं रह जाता है। लेकिन शहर में एेसे वृक्ष मित्र भी हैं, जो तन-मन और धन से पर्यावरण संरक्षण के लिए न केवल पौधे लगा रहे हैं, बल्कि इनको जिन्दा भी रख रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के इस यज्ञ में यह भी एक खास बात है कि ये वृक्ष मित्र राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे ‘हरयाळो राजस्थान’ अभियान की शुरुआत से अब तक जुड़े हुए हैं।

मेहरानगढ़ की तलहटी क्षेत्र के चट्टानों पर हरियाली लाने का श्रेय वृक्ष मित्र प्रसन्नपुरी गोस्वामी को है। वे तीन दशक से भी ज्यादा समय से पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित हैं। गोस्वामी ने मेहरानगढ़ दुर्ग, जसवंत थड़ा व सिंघोड़ो की बारी क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्र को हरा-भरा बनाया है। गोस्वामी अब तक विभिन्न प्रजातियों के अनगिनत पेड़-पौधे लगा चुके हैं, साथ ही, करीब 7 हेक्टेयर क्षेत्र में औषधि उद्यान भी तैयार किया है। इसमें अश्वगंधा, आंवला, अपामार्ग, थौर, खींप, बुई, हरशृंगार, अजवायन, गुगल, दूदी, गंगेटी, वज्रदंती, भृंगराज आदि विकसित किए हैं। औषधि उद्यान में इन्होंने जल संरक्षण के लिए एनिकट, चेक डैम व नाडि़यों का भी निर्माण किया है। 70 वर्षीय गोस्वामी नित्य 8-10 घंटे पर्यावरण संरक्षण के लिए समय देते हैं।शहर के हैण्डीक्राफ्ट व्यवसायी गणपत सालेचा समाजसेवा के साथ-साथ तन-मन और धन से पर्यावरण संरक्षण में लगे हुए हैं। इन्होंने पौधरोपण कर बोरानाड़ा को आदर्श गांव बनाया और औद्योगिक क्षेत्र में आदर्श सर्किल, आदर्श स्ट्रीट का रख-रखाव सुनिश्चित किया। बोरानाडा के औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों, चौराहों, उद्यानों व मुख्य मार्गो पर स्वयं व जागरूकता से करीब 5 हजार पौधरोपण करवाकर उनका संरक्षण सुनिश्चित करवाने का श्रेय सालेचा को है।

यही नहीं, वे लूणी ग्रामीण क्षेत्र में झंवर, डोली, नारनाड़ी, सालावास, पाल, शिकारपुरा स्थित गोशालाआें में अब तक 3 हजार पौधरोपण कर सहयोगियों के माध्यम से संरक्षण सुनिश्चित कर रहे हैं। 66 वर्षीय सालेचा प्रतिवर्ष हरयाळाो राजस्थान अभियान के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में पौधरोपण कर उनका संरक्षण कर रहे हैं।वन विभाग में सहायक कार्यालय अधीक्षक पद पर कार्य करने के साथ ही विनोद रांका पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय हैं। करीब ढाई दशक से विभिन्न स्थानों पर हरियाली के लिए पौधरोपण कर रहे हैं। मेहरानगढ़ दुर्ग क्षेत्र स्थित राव जोधा उद्यान में पौधरोपण कार्य में इनकी प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा, पिछले करीब 9 सालों से लगातार सूरगसार केरू फांटा स्थित सिवांची गेट गौशाला में सघन पौधरोपण कर वहां अब तक करीब एक हजार से ज्यादा पौधें लगा चुके हैं, लो लगभग शत प्रतिशत जीवित हैं। साथ ही हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पौध लगा कर उनकी देखभाल कर रहे हैं। रांका ने बताया कि सरकारी नौकरी के अलावा वे अपना अधिकांश समय पर्यावरण संरक्षण के लिए ही लगा रहे हैं।

(Text Source:www.patrika.com)

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