Source: Rajasthan Patrika (04-July-2018)

inspiring story on women empowerment

पहले पिता और फिर इकलौते भाई की मौत के बाद जब 80 साल का जमा जमाया कारोबार बिखरने लगा तो 23 साल की पूजा धमीजा ने तमाम तानों और छींटाकशी को परे धकेल ‘मर्दों के कारोबार’ की बागडोर संभाल ली। कड़ी टक्कर के बावजूद मैदान नहीं छोड़ा। नतीजन 17 साल बाद भी हाड़ौती में इकलौती महिला होने की बादशाहत कायम है।

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