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NISA ने शिक्षा मंत्री को थमाया 5 करोड़ का नोटिस, दिल्ली के डिप्टी सीएम पर लगाए ये आरोप

नई दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा प्राइवेट स्कूलों को लेकर बयान जारी करने के बाद से उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। एनुअल फीस और डेवलपमेंट फीस जमा करने को लेकर शिक्षामंत्री ने बयान दिया था कि जो पेरेंट्स फीस जमा नहीं कर सकें वे प्राइवेट स्कूल्स से बिना ट्रांसफर सर्टिफिकेट लिए अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल्स में करा लें। अब यही बयान उनके लिए महंगा साबित होेने वाला है।

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सिसोदिया का बयान अदालत की अवमानना

नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस ( NISA ) ने शिक्षामंत्री के बयान को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना मानते हुए 5 करोड़ रुपए के मानहानि का लीगल नोटिस भेज दिया है। निसा अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने शिक्षामंत्री के इस बयान को हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट (Court) में अपनी हार का बदला करार दिया है। निसा के अध्यक्ष का कहना है कि बजट स्कूल्स आम लोगों के हैं और आम लोगों के लिए हैं। इसलिए आम आदमी पार्टी से ये उम्मीद बिल्कुल नहीं थी।

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बदले की भावना से दिया बयान

दरअसल, हाल ही में दिल्ली हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के तमाम प्राइवेट स्कूलों को स्टूडेंट्स के पेरेंट्स से कोविड और लॉकडाउन के दौरान स्कूल्स की एनुअल फीस और डेवलपमेंट चार्ज लेने की मंजूरी दी थी। कुलभूषण शर्मा का आरोप है कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया कोर्ट में मिली इस हार को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने बदले की भावना के तहत गलत बयान दिए जिससे प्राइवेट स्कूलों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए निसा ने उन्हें 5 करोड़ रुपए के मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है। शिक्षामंत्री ने अपना बयान वापस नहीं लिया तो उन पर जल्द ही इस नोटिस के तहत मानहानि का दावा भी किया जाएगा।

बिना टीसी का दाखिला नहीं हो सकता

कुलभूषण शर्मा ने कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा कानून व अधिनियम 1973 के नियम 139 के तहत किसी भी बच्चे का दाखिला बिना टीसी के नहीं हो सकता। फिर शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया कानून और नियमों को ताक पर रखकर बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कैसे कर सकते हैं। पहले तो सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए जगह ही नहीं है। उस पर शिक्षामंत्री बजट स्कूलों के बच्चों को बिना टीसी सरकारी स्कूलों में दाखिला देने की बात कहकर उनका अपमान कर रहे हैं।

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